अकेलापन शायरी इन हिंदी

बड़े शौक से छोड़ा था उसने मुझे अपने हाल पर मगर इन आंखों में शायद अब भी तेरा इंतजार बाकी है.!!

जब से मुझे प्यार में मिली बेवफाई है तब से मेरी जिंदगी में दर्द और तन्हाई है..!

यह अकेलापन का सफर भी कट जाएगा जिस दिन गम का बादल हट जाएगा..!

न ढूंढ मेरा किरदार दुनिया की भीड़ में, वफादार तो हमेशा तन्हा ही मिलते हैं !

काश तू समझ सकती मोहब्बत के उसूलों को, किसी की साँसों में समाकर उसे तन्हा नहीं करते !

अकेला हूँ पर मुस्कुराता बहुत हूँ, खुद का साथ बड़ी शिद्दत से दे रहा हूँ !

मुझको मेरे अकेलेपन से अब, शिकायत नहीं है मैं पत्थर हूँ मुझे, खुद से भी मुहब्बत नहीं है !

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