जोशीली देशभक्ति शायरी

जश्न आज़ादी का मुबारक हो देश वालो को फंदे से मोहब्बत थी हम वतन के मतवालो को

मैं भारत बरस का हरदम सम्मान करता हूँ यहाँ की चांदनी मिट्टी का ही गुणगान करता हुँ मुझे चिंता नहीं है स्वर्ग जाकर मोक्ष पाने की तिरंगा हो कफ़न मेरा, बस यही अरमान रखता हूँ

अब तक जिसका खून न खौला, वो खून नहीं वो पानी है जो देश के काम ना आये , वो बेकार जवानी है

दे सलामी इस तिरंगे को जिससे तेरी शान है. सिर हमेशा ऊँचा रखना इसका जब तक दिल में जान हैं .

कुछ नशा तिरंगे की आन का है, कुछ नशा मातृभूमि की शान का है, हम लहरायेंगे हर जगह ये तिरंगा, नशा ये हिन्दुस्तां के सम्मान का है.

चले आओ मेरे परिंदों लौट कर अपने आसमान में, देश की मिटटी से खेलो, दूर-दराज़ में क्या रक्खा है

शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पे मर मिटनेवालों का बाकी यही निशां होगा

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