बदमाशी शायरी 2 लाइन

बेटा माहौल का क्या है, साला जब चाहे तब बदल देंगे!!

हम गले लगाने से लेकर, घर से उठाने तक का दम रखते है!!

हम वे परिंदे हैं, जो हारने के बाद भी उड़ने की हिम्मत रखते हैं!!

प्यार दीजिए प्यार लीजिए, वरना जो उखाड़ सकते हैं, उखाड़ लीजिए!!

तुम खेल खेलना जानते हो और हम बदलना!!

वक्त का इंतजार किजिये जनाब, वादा है बहुत बेहतरीन नजारा दिखायेंगे!!

जितना मासूम चेहरा है जनाब, उतनी ही खराब खोपड़ी भी है!!

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