मुंबई में बाढ़ की तस्वीरें देख पगली शायरी

बाढ़ के पानी में दिल भी डूब जाता है, खुदा भी रो पड़ता है इसके दर्द को देखकर।

जब बाढ़ आए तो मौसम की अदा बदल जाए, दोस्ती की दास्तान भी नई जगह बन जाए।

बाढ़ के पानी के बहाव में भी छुपा है एक अलग अहसास, जिंदगी के हर रिश्ते की तरह इसका भी एक अपना मकसद।

बाढ़ के बूंदों से भी जीवन की बोंध बन जाती है, इंसानियत के रिश्ते भी इसमें ही नवीन रंग भर जाते हैं।

बाढ़ के बावजूद भी जिंदगी का सफर जारी है, मुस्कराते रहना अब भी जरूरी है, यह बारिश के बीच में।

बाढ़ के पानी में भी हैं कुछ अलग ही मिजाज, कुछ रिश्ते भी इसके जैसे होते हैं, जो कितने भी गहरे हो जाएं।

जीवन के बाढ़-बर्ताव में भी खो दो अपनी पाकीज़गी, रिश्ते सच्चे होने से ही बढ़ते हैं, और मिलते हैं सच्चे दिल से।

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