महादेव शायरी हिंदी attitude

 भस्म को ललाट पे लगाया करते हैं, गले में मूँड माला, साँपों का डेरा सजाया करते है, हम भक्त है उनके जो ताण्डव मचाया करते है

 दौलत छोड़ी, दुनिया छोड़ी, सारा खजाना छोड़ दिया, महाकाल के प्यार में दिवानों ने राज घराना छोड़ दिया

 आता हूँ महाकाल तेरे दर पे, अपना शिर्ष झुकाने को; 100 जन्म भी कम है भोले, अहेसान तेरा चुकाने को

 काल का भी उस पर क्या आघात हो, जिस बंदे पर महाकाल का हाथ हो

 तिलक धारी सब पे भारी, जय श्री महाकाल पहचान हमारी

 नही पता कौन हूँ मैं और कहा मुझे जाना हैं, महादेव ही मेरी मँजिल हैं और महाकाल का दर ही मेरा ठिकाना हैं

 खौफ फैला देना नाम का, कोई पुछे तो कह देना, भक्त लौट आया हैं महाकाल का

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